Not known Details About ✔️ Raat 11:45 se 2:30

नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।

फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।

* ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं।

यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।

शनिवार से गुप्त नवरात्रि, कैसे करें पूजा, जानें विधि और पूजन सामग्री

गुप्त नवरात्रि हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक समय मानी जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों, और महाविद्या की उपासना के लिए मनाई जाती है। इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी साधनाएं और अनुष्ठान गुप्त रूप से किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आत्म-शुद्धि, शक्ति संचय और देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करना है।

मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।

नौ दिनों तक सात्विक भोजन करें और विचारों को पवित्र रखें।

In accordance with Eradicating Black Magic, with this particular sadhana, the seeker can guard himself and his family members from evil eyes, website tantric obstructions, misfortune, and enemy defects. The sadhana of such 9 days purifies the soul, cuts off outdated sins and karmic bonds, and leads the person to new auspicious prospects in everyday life.

गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा

साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।

भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं।

कलश को मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।

पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।

ना करे रक्षा तो महाबली भैरव की दुहाई।।

Comments on “Not known Details About ✔️ Raat 11:45 se 2:30”

Leave a Reply

Gravatar